-विचाराधीन महिला कैदी को दो दिन पहले लाया गया था अस्पताल
-परिवार ने लगाया जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
केंद्रीय कारागार पटियाला में बंद किडनी रैकेट की आरोपी मंजू की बीती रात तबीयत बिगडऩे से राजिंदरा अस्पताल में मौत हो गई है। इसी साल चंडीगढ़ में हुए किडनी कांड के मुख्य आरोपियों में से एक इस विचाराधीन महिला कैदी को दो दिन पहले ही जेल से अस्पताल लाया गया था। वहीं मृतक के परिवार वालों जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार किडनी रैकेट की आरोपी 50 वर्षीय मंजू पांडे की तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद बुधवार शाम को ही अस्पताल लाया गया। अस्पताल में ठीक से उपचार शुरु हो पाता इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मृतक के परिवार को टेलीफोन पर इसकी सूचना दी गई। वीरवार रात को अस्पताल पहुंचे उसके परिवार के सदस्यों में से मृतक के लड़के अभिजीत व जंवाई मनीष ने बताया कि मंजू काफी समय से बीमार चल रही थी और उनकी ओर से दी जा रही दवाएं भी जेल प्रशासन मंजू तक समय रहते नहीं पहुंचा रहा था। जिसके चलते ये नौबत आई है। परिवार के दोनों ही सदस्यों का यह भी आरोप है कि मंजू की मौत अस्पताल लाने से पहले ही जेल में हो गई थी।
तबीयत बिगडऩे पर भेजा गया: सुपरडेंट
इसी संबंध में जेल सुपरीटेंडेंट प्रेम सागर शर्मा का कहना है कि मंजू पांडे पिछले काफी समय से बीमार थी। बुधवार को तबीयत ज्यादा बिगडऩे पर ही उसे जेल से अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया था। जहां डाक्टरों ने इलाज के दौरान ही मृतक घोषित किया है। जिसके बाद डाक्टरों ने ही मंजू की मौत की सूचना दी है। अब लाश को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के हवाले किया जाएगा।
क्या था मामला
11 मई 2012 को चंडीगढ़ के सेक्टर 45 में स्थित सूर्या किडनी अस्पताल से एक लैब टेक्निशियन को गिरफ्तार किया गया था। जिसकी इतलाह पर 12 मई को पिंजोर के रहने वाले मां-बेटे 50 साल की मंजू व 30 साल के अभिषेक को गिरफ्तार किया गया। अभिषेक का नाम रैकेट में शामिल होने और मंजू का रैकेट में मदद करने वालों के रूप में शामिल किया गया। इन लोगों पर मोहाली के फेज आठ के थाने में आईपीसी की धारा 419, 420, 471, 474, 468 व 120 बी के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं।