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Saturday, 3 November 2012

किडनी रैकेट की आरोपी मंजू की मौत


-विचाराधीन महिला कैदी को दो दिन पहले लाया गया था अस्पताल
-परिवार ने लगाया जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
केंद्रीय कारागार पटियाला में बंद किडनी  रैकेट की आरोपी मंजू की बीती रात  तबीयत बिगडऩे से राजिंदरा अस्पताल में मौत हो गई है। इसी साल चंडीगढ़ में हुए किडनी कांड के मुख्य आरोपियों में से एक इस विचाराधीन महिला कैदी को दो दिन पहले ही जेल से अस्पताल लाया गया था। वहीं मृतक के परिवार वालों जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार किडनी  रैकेट की आरोपी 50 वर्षीय मंजू पांडे की तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद बुधवार शाम को ही अस्पताल लाया गया। अस्पताल में ठीक से उपचार शुरु हो पाता इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मृतक के परिवार को टेलीफोन पर इसकी सूचना दी गई। वीरवार रात को अस्पताल पहुंचे उसके परिवार के सदस्यों में से मृतक के लड़के अभिजीत व जंवाई मनीष ने बताया कि मंजू काफी समय से बीमार चल रही थी और उनकी ओर से दी जा रही दवाएं भी जेल प्रशासन मंजू तक समय रहते नहीं पहुंचा रहा था। जिसके चलते ये नौबत आई है। परिवार के दोनों ही सदस्यों का यह भी आरोप है कि मंजू की मौत अस्पताल लाने से पहले ही जेल में हो गई थी।

तबीयत बिगडऩे पर भेजा गया: सुपरडेंट

इसी संबंध में जेल सुपरीटेंडेंट प्रेम सागर शर्मा का कहना है कि मंजू पांडे पिछले काफी समय से बीमार थी। बुधवार को तबीयत ज्यादा बिगडऩे पर ही उसे जेल से अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया था। जहां डाक्टरों ने इलाज के दौरान ही मृतक घोषित किया है। जिसके बाद डाक्टरों ने ही मंजू की मौत की सूचना दी है। अब लाश को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के हवाले किया जाएगा।

क्या था मामला

11 मई 2012 को चंडीगढ़ के सेक्टर 45 में स्थित सूर्या किडनी अस्पताल से एक लैब टेक्निशियन को गिरफ्तार किया गया था। जिसकी इतलाह पर 12 मई को पिंजोर के रहने वाले मां-बेटे 50 साल की मंजू व 30 साल के अभिषेक को गिरफ्तार किया गया। अभिषेक का नाम रैकेट में शामिल होने और मंजू का रैकेट में मदद करने वालों के रूप में शामिल किया गया। इन लोगों पर मोहाली के फेज आठ के थाने में आईपीसी की धारा 419, 420, 471, 474, 468 व 120 बी के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं।

Tuesday, 22 May 2012

पुलिस लाइन में महिला की संदिग्ध हालात में मौत, women died in police lines quarter


-बनूड़ में ट्रैफिक प्रभारी हैं महिला के पति
-महिला के सैना में कर्नल भाई का आरोप नाजायज संबंधों के चलते पहले से सताता रहा है रहा है राजेश कुमार चौहान
-त्रिपड़ी पुलिस ने क्वार्टर का ताला तोड़ तलाशी ली
फोटो:
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
शहरियों की सुरक्षा में तैनात रहने वाली पुलिस और पुलिस के ही रहने के लिए बनाए गए पुलिस लाइन के एक क्वार्टर में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। आरंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान कर चल रही है, जबकि महिला के भाई व भारतीय सैना में कर्नल के पद पर तैनात आरएस राणा का आरोप है कि उसकी बहन को मारा गया है।
राजिंदरा अस्पताल में महिला की मौत के बाद पुलिस लाइन पहुंचे कर्नल आरएस राणा ने 28 जून 2010 में उक्त महिला व अपनी बहन ललिता चौहान की ओर से लिख गई चिट्ठी पढ़ कर सुनाते हुए बताया कि त्रिपड़ी पुलिस के पास भी मामला पहुंचा था तब उसके बहनोई ने माफी मांग कर समझौता किया था। उक्त पत्र में आरोपी पर एक अन्य महिला कांस्टेबल से अवैध संबंधों से लेकर तस्करी में शामिल होने,  नशा करने, बच्चों व पत्नि के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं पत्र में उक्त पुलिस कर्मी के खुदकुशी करने अथवा अपनी हत्या करने का अंदेशा मृतक  महिला ने लगाते हुए सुरक्षा की गुहार भी लगाई गई है। मृतक ने लिखा है कि उसके साथ मारपीट के अलावा उसका पति कभी अपनी कनपटी पर और कभी उसकी कनपटी पर बंदूक तानता रहता है।
वहीं कर्नल राणा का कहना है कि वर्तमान में बनूड़ में ट्रैफिक प्रभारी के पद पर तैनात राजेश कुमार चौहान ने पहले भी अपनी लोडेड गन से उन्हें मारने की कोशिश की थी पर तत्कालीन एसएसपी रणबीर सिंह खटड़ा और त्रिपड़ी पुलिस प्रभारी जस्सा सिंह के हस्तक्षेप के बाद जान बच पाई थी। साथ ही वे एक अन्य महिला के साथ नाजायज संबंधों के चलते अपनी बहन को सताने के आरोप भी राजेश कुमार चौहान पर लगाते हैं। कहते हैं कि यहां पर घर खर्च चलाने के पैसे वे भिजवाते थे और राजेश अपनी कमाई उक्त महिला कांस्टेबल को दे आता था।
दूसरी ओर मौके पर पहुंचे त्रिपड़ी पुलिस प्रभारी करणशेर सिंह ने क्वार्टर का ताला तुड़वा कर तलाशी ली है और मामले की जांच की जा रही है।