-दो दशकों में मात्र 17.5 किलोमीटर ही हो पाया चैनेलाइजेशन का काम
-केंद्र ने पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर के 12 शहरों के लिए घोषित किया 296.96 करोड़ का प्रोजेक्ट
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भूपेश चट्ठा, पटियाला
दक्षिणी-पूर्वी पंजाब में बरसात के दिनों में लगभग हर दूसरे साल तबाही मचाने वाले घग्गर दरिया के 'बल-बिंगÓ निकालने के दावे प्रति दावे के नाम पर मालवा क्षेत्र में नारे लगते रहते हैं, लेकिन कई चरणों में होने वाला काम दूसरे ही चरण में अटक गया है। हालांकि साफ सफाई के नाम पर पूरे घग्गर दरिया को पंजाब व हरियाणा दोनों ने ही एक प्रकार से तिलांजली दे रखी है, लेकिन दोनों ही राज्य घग्गर दरिया का जहां कहीं से भी दोहन हो सकता करने में कोर कसर नहीं छोड़ रहे।
पंजाब में चंडीगढ़ व हिमाचल-हरियाणा के पास जीरकपुर क्षेत्र में जहां तहां से रेता-बजरी निकालने का काम पंजाब की तरफ से इतना हुआ कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से रोक लगानी पड़ी। हालांकि पंजाब ने अपने जिलों एसएएस नगर, पटियाला, संगरूर, मानसा के बड़े भूभाग के लोगों को फलैश फ्लड से बचाने कहीं भी दरिया की सफाई व किनारे मजबूत करने अथवा तटबंधों पर काम शुरु नहीं किया है।
पंजाब व हरियाणा सीमा पर दोनों तरफ बहने वाले घग्गर के मामले में हरियाणा ने चीका रोड पर हांसी बुटाना नहर के नीचे बने साइफन से मिट्टी निकलाने और प्रति टिपर दो हजार रूपये तक में बेचने का काम बड़े पैमाने पर शुरु कर रखा है। बाकायदा टेंडर भी जारी किए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि इसके अलावा अंबाला, कैथल जिलों से लेकर दक्षिणी छोर तक कहीं भी सफाई शुरु नहीं की गई है।
बाढ़ की मार सबसे अधिक झेलने वाले पटियाला व संगरूर जिलों में करीब दो सौ किलोमीटर क्षेत्र पर पड़ती है। इस सबके बावजूद घग्गर की बाढ़ नियंत्रण का कार्य दूसरे ही चरण में अटक गया है। पहले चरण में खनौरी से मकरोड़ साहिब के बीच मात्र 17.5 किलोमीटर नदी के चैनेलाइजेशन का काम मुक म्मल हुआ है।
दूसरे चरण के 21.7 किलोमीटर में मकरोड़ साहिब से पंजाब के कड़ैल अथवा हरियाणा के जाखल तक चैनेलाइज करने के बाद अन्य सहायक नदियों के किनारे पक्के करने के प्रोजेक्ट शुरु होने थे। इसी क्रम में हरियाणा राज्य की ओर से अपने क्षेत्र में बांध बनाने को पंजाब ने सुप्रीम कोर्ट में 70 गांवों के आठ फीट पानी में डूबने का हवाले दे आपत्ति जताई गई तो केंद्र की ओर से फरवरी में प्रोजेक्ट रोकने पर उपमुख्य मंत्री सुखबीर बादल ने मूणक में लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इसके बाद केंद्र ने पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर के 12 शहरों के लिए 296.96 करोड़ का प्रोजेक्ट दिए जाने की घोषणा कर रखी है। इसमें डेरा बस्सी, बनूड़, राजपुरा, घनौर, पातड़ां, खनौरी, लहरा गागा, मूणक, फतेह गढ़ साहिब, नाभा, बसी पठाना, मंडीगोबिंद गढ़ के नाम शामिल हैं।