उत्तर का उंचा और दक्षिण का कटा होना ले डूबा
-दक्षिण में ज्यादा खाली स्थान ने करवाया नजदीकी से विश्वास घात: इंजी मरवाह
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पाकिस्तान के सैनिक शहर एबटाबाद की वजरीस्तान हवेली का चाहे अल कायदा के आतंकियों ने अपनी ओर बेहतरीन शरणगाहों में शुमार किया हो लेकिन ये तकनीकि रूप से 'सुरक्षितÓ बनाई गई हवेली वास्तु दोषों से भरी हुई है। हवेली का उत्तर का भाग उंचा होना और दक्षिण का कटा होना हवेली में रहने वालों के लिए खतरनाक साबित हुआ है।
पंजाब वाटर सप्लाई एंड सेनीटेशन विभाग में बतौर सिविल इंजीनियर कार्यरत व वास्तु विशेषज्ञ इंजी. दिनेश मरवाह बताते है जिस किसी घर अथवा निवास स्थान का उत्तर का हिस्सा उपर उठा हुआ या अधिक उंचाई लिए हो या फिर इस हिस्से में ज्यादा निमार्ण किया गया हो और इसके ठीक विपरीत भवन के दक्षिण हिस्से में ज्यादा खाली स्थान और इसका कटा होना ठीक नहीं होता। ऐसी स्थिति में पीठ में छुरा घोंपने वाली होती है। आपका कोई नजदीकी करीबी ही विश्वासघात करता है। हालांकि उत्तर का रखा गया प्रवेश यहां उचित है।
इंजी. मरवाह कहते है कि वजरीस्तान हवेली में ज्ञान व शक्ति देने वाले पूर्व दिशा से आने वाली ऊर्जा का रास्ता रोका हुआ है। पूर्व के कटे होने व उंची दीवार मानसिक रूप से आपको स्थायी नहीं रहने देती, घर के मालिक अथवा रहने वाले की सेहत खराब करती है और सोचने समझने की शक्ति कम होती जाती है।
इसी तरह एक अन्य वास्तु दोष में मुख्य द्वार के पास कूड़ा कर्कट ना केवल डंप किया गया अपितु जलाया भी जाता था। ऐसे में व्यक्ति अपने आर्थिक स्रोत जला रहा होता है। जलती अग्नि से निकली नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में घूम रही थी। ये शरीर व धन दौलत के नाश का कारण बनती है। इंजी. मरवाह कहते है कि वास्तु पुरूष के सिद्धांतों को यदि अलग भी रख दें तो भी मकान में खिड़कियों का नाममात्र होना और प्राकृतिक रोशनी और हवा के किसी ओर से भी ना आने की वजह तहस नहस का कारण बनती है।