Showing posts with label eitchen college. Show all posts
Showing posts with label eitchen college. Show all posts

Monday, 29 October 2012

'हिंदुस्तानी पंजाब में पगडिय़ां दिखती हैं और महिलाएं वाइक चलाती हैं'


फ्लैग: लाहौर के एचीशन कालेज के विद्यार्थी पहुंचे वाईपीएस पटियाला में
-काजू की बर्फी और आर्टीफीशियल ज्वेलरी लेकर जाएंगे: अरशद चौधरी
फोटो: 11
भूपेश चट्ठा, पटियाला
'हिंदुस्तानी पंजाब में पगडिय़ां दिखती हैं और महिलाएं वाइक चलाती हैं...बुर्का हमारे यहां से भी गायब हो चुका है और यहां भी नहीं है।Ó लाहौर के एचीशन कालेज के विद्यार्थियों संग वाईपीएस पटियाला में पहुंचे लाहौर के शिक्षक अरशद चौधरी पहली बार भारत आए हैं और देख कर हैरान हैं कि इस पंजाब और उनके पंजाब में कोई अंतर नहीं है।
'दैनिक जागरणÓ के साथ विशेष बातचीत में वे कहते हैं कि 'कोई फर्क नहीं है,  कस्टम सेम है, कल्चर सेम है और लोगों की हरकतें भी सेम है, फिर पता नहीं क्यों...समझ में नहीं आता...लेंग्वेज भी देखो सेम हैÓ। भारत में लोगों विशेष रूप से स्कूल की ओर से की जा रही मेहमाननवाजी से वे खासे प्रभावित हैं। पंजाबी खाने के सवाल पर पहली बार में ही स्पष्ट करते हैं कि वे वेजीटेरियन हैं, ऐसे में खाना भी वैसा ही है जैसा उनके यहां पर है।
पंजाब से की जाने वाली खरीददारी को लेकर वे खासे उत्साहित हैं। बताते हैं कि एक बार उनके एक मित्र ने बैंग्लोर से काजू की बर्फी लाए थे तब स्वाद देखा था आज भी याद है। पाकिस्तान में हर कोई उनसे काजू की बर्फी लाने की फरमाइश किए हुए है। अरशद चौधरी कहते हैं कि काजू की बर्फी ले जाने के अलावा हिंदुस्तान की आर्टीफीशियल ज्वेलरी की मांग पाकिस्तान में खासी है।
दिलचस्प है कि वाईपीएस स्कूल में आयोजित की जा रही 23 वीं वार्षिक कर्नल फ्रेंक वॉन गोल्डस्टीन इंटर-पब्लिक स्कूल इंग्लिश डिबेट प्रतियोगिता में भाग लेने आए तीन छात्रों के प्रतिनिधि मंडल के सदस्य हमजा बाजवा अपनी पहचान तलाश रहे हैं। भारतीय पंजाब में अगर चौधरी गोत्र आम है तो बाजवा गोत्र के लोगों की भी कमी नहीं है। हालांकि दो अन्य छात्र हमाद असलम और बिलाल कासिम खान पहले भी वाईपीएस पटियाला में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करते हुए आ चुके हैं।