भूपेश चट्ठा, पटियाला
विश्व भर में शनिवार रात साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक मनाए जाने वाले एक घंटे के 'अर्थ अवर' पर यदि पूरी तन देही से पंजाब में प्रयास हो तो इस घंटे में बचने वाली बिजली का आंकड़ा एक सौ लाख यूनिट पर पहुंच सकता है।याद रहे कि 'अर्थ अवर' के दौरान दुनिया भर में बिजली बचत का संदेश देने लोग स्वैच्छा से अपने बिजली उपकरण बंद रखते है। इसका मतलब यह भी नहीं है कि इस घंटे में सभी अंधेरे में बैठ जाएं पर इतना भी जरूर है कि संयम से बिजली का प्रयोग हो जिससे बिजली खपत को सीमित करने की दिशा में चलने वाला जारूकता अभियान गति पकड़े और जनमानस तक संदेश पहुंचाया जा सके।
राज्य में बिजली आपूर्ति व प्रबंध करने का जिम्मा रखने वाले पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने हालांकि 'अर्थ अवर' को लेकर किसी तरह की औपचारिक घोषणा नहीं की है लेकिन अधिकारी बताते है कि राज्य में इन दिनों गेहूं की फसल पकने को है जिसके चलते कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग कम है और गर्मी के भी पूरी तरह से तेज ना होने की वजह से घरेलू क्षेत्र में भी मांग ज्यादा नहीं है। फिर भी राज्य में बिजली की कुल मांग एक दिन में एक हजार लाख यूनिट के पास है। चूंकि शाम साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे के बीच का समय पावरकाम के शब्दों में पीक लोड आवर की श्रेणी में आता है। इस दौरान बिजली की खपत दिन भर में अधिकतम सीमा पर होती है ऐसे में अनुमान है कि बचने वाली बिजली एक सौ लाख यूनिट तक आ सकती है।
अधिकारी तर्क देते है कि बिजली का सबसे ज्यादा उपयोग दिन की इस अवधि में दिवाली के दिन होता है तब भी पावरकाम करीब इतनी ही अतिरिक्त बिजली का प्रबंध करता है।