-2280 लाख यूनिट की अब तक एक दिन की सर्वाधिक मांग
-गुजरात की अदानी पावर से मिली पंजाब को 500 मेगावाट बिजली
भूपेश चट्ठा, पटियाला
मानसून के रूठे रहने की वजह से बिजली की मांग ने राज्य में एक बार फिर दो जुलाई के अपने रिकार्ड को संशोधित कर दिया है वो भी बड़े अंतर के साथ। चरम पर पहुंची मांग से निपटने पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने एक बार फिर शैडयूल कट लागू कर दिए है। ऐसे में बिजली कटों की न्यूनतम अवधि तय हो गई है, हालांकि मांग-आपूर्ति का अंतर पाटने अघोषित कट भी लग रहे हैं।
पावरकाम के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि दो जुलाई की मांग 2244 लाख यूनिट का रिकार्ड बीते 24 घंटों में संशोधित होकर 2280 लाख यूनिट पर आ गया है। जबकि पंजाब के पास कुल 1950 लाख यूनिट बिजली ही उपलब्ध हो पाई है, हालांकि एक दिन पहले की 1895 लाख यूनिट में इसमें कुछ सुधार जरूर हुआ है। 1026 लाख यूनिट की केंद्रीय पूल, अन्य राज्यों, निजी कंपनियों से की जा रही खरीद व बैंकिंग से ली जा रही बिजली का आंकड़ा 1100 लाख यूनिट के पार चला गया है।
सूत्र बताते हैं कि उत्तरी ग्रिड की फ्रिक्वेंसी पर दवाब बनने के बाद पश्चिमी ग्रिड से बिजली लेने के प्रयास हुए हैं। इनमें गुजरात में निजी क्षेत्र की कंपनी अदानी पावर से पंजाब को करीब 500 मेगावाट बिजली मिल गई है। इससे पहले यहां से बिजली नहीं आ रही थी।
दूसरी ओर पावरकाम प्रवक्ता किसी तरह के अघोषित कट लगाने की बात से इन्कार करते हैं। कहते हैं कि महत्वपूर्ण शहरों पर दो घंटे, जिला मुख्यालयों व अन्य शहरों पर तीन और ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे के घोषित कट लगाए जा रहे हैं। घोषित कट लगाने के बाद अघोषित कट बंद हो गए हैं। ग्रिड से ओवर ड्रा के नाम पर वे बताते हैं कि उचित दाम व ठीक फ्रिक्वेंसी होने पर यह भी ली जाएगी।
अभी अतिरिक्त बिजली खरीद रहे हैं: डायरेक्टर वितरण
पावरकाम की ओर से दस दिनों बाद एक बार फिर घोषित कट लागू किए जाने के अलावा मांग व आपूर्ति के अंतर को कम करने के किसी अन्य उपाय के सवाल पर पावरकाम के डायरेक्टर वितरण अरुण वर्मा कहते हैं कि ग्रिड से दिन प्रति दिन के हिसाब से अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है। बुधवार दोपहर बाद से यह मिलने लगी है आज भी खरीदी गई है। ग्रिड से ली गई यह बिजली अनशैडयूल इंटरचेंज के तहत ओवर ड्रा करने से अलग है।