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Friday, 25 January 2013
दो दर्जन होंगे सम्मानित, पर प्रशासन ने नाम रखे गुप्त
-ढ़ाई सौ आवेदनों में से हुआ चयन
-प्रोटोकाल अनुसार एक दिन पहले होने वाली रिहर्सल में राष्ट्रीय पर्व पर सम्मानित होने वालों को भी शामिल किया जाना होता है
भूपेश चट्ठा, पटियाला
गणतंत्र दिवस पर वाईपीएस मैदान में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले भर से सम्मानित किए जाने वाले लगभग दो दर्जन विशिष्ट व्यक्तियों के नाम जिला प्रशासन ने पूर्व संध्या तक जारी नहीं किए है। हालांकि पहले बताया गया था कि ठीक एक दिन पहले दोपहर 12 बजे तक सूची जारी कर दी जाएगी।
वहीं प्रशासन के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि जिन 'बंदोंÓ को सम्मानित किया जाना है उन्हें भी पूरी बात 'समझाÓ कर अवगत करवा दिया है कि वे गणतंत्र दिवस पर स्टेडियम में अपने नाते रिश्तेदारों व मित्रों के लाव लश्कर के साथ आ जाएं। इतना ही नहीं 'थोक के भावÓ इन लोगों को वीआईपी कार्ड भी जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि प्रशासन के पास ढ़ाई सौ से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें शिक्षक से किसान तक और समाज सेवक से डाक्टर, खिलाड़ी, विद्यार्थी वर्ग में पुरुष व महिला सभी शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि चयन प्रक्रिया में योग्यता के अलावा भी 'काफी कुछÓ देखा जाता है। इसमें पत्र के साथ लगाए गए अनुशंसा पत्रों के साथ कई तरह की मौखिक फोन काल के हवाले भी दिए जाते हैं। ऐसे में किसी के बंदे का नाम घोषित कर देना और किसी के बंदे का छोड़ देना आसान काम नहीं है। अंतिम समय तक बदलाव की संभावना बनी रहती है। अगर सूची प्रकाशित हो जाए तो ऐसे राष्ट्रीय कार्यक्रम से पहले कई लोगों की 'आजादीÓ छिन सकती है। संभव है कि एक सूची के स्थान पर दूसरी ही ना जारी करनी पड़ जाए। हालांकि प्रोटोकाल अनुसार एक दिन पहले होने वाली रिहर्सल में राष्ट्रीय पर्व पर सम्मानित होने वालों को भी शामिल किया जाना होता है। जिससे किसी प्रकार की गफलत ना हो।
अधिकारी कहते हैं कि अगर बात केवल योग्यता की हो और आम जनता को जज व प्रणाली पर यकीन हो तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन मामला तो यहां पर अटक जाता है जब हम किसी राष्ट्रीय पर्व को सत्ताधारी दल के साथ ही जोड़ देते हैं। अकाली सत्ता में उपर हैं तो भाजपाई भी पूरे नहीं आते कांग्रेसियों या कामरेडों की बात तो छोड़ ही दें। कांग्रेस सत्ता में है तो आप मेहमानों की सफेद के साथ रंग बिरंगी पगडिय़ां देख कर ही अंदाजा लगा लेंगे कि पावर कहां है लेकिन तब नीली-पीली कम ही दिखाई देगी। वहीं कार्यक्रम के आयोजक व जिला लोक संपर्क अधिकारी ईश्विंदर सिंह ग्रेवाल इस संबंध में किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इन्कार करते हैं और कहते हैं कि सूची बन गई है और जल्द जारी होगी। संबंधित लोगों को अवगत करवा दिया गया है।
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