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Thursday, 7 April 2011

पटियाला भी अन्ना हजारे के समर्थन मे, anna hjare, protest, lokpal bill, anshan


-भ्रष्टाचार के खिलाफ हर दिल में है आग
-रात की खबरों के बाद एक के मन में आया विचार तो वकील से डाक्टर और छात्र हर तरफ गुट बनते गए
भूपेश चट्ठा, पटियाला
सैनिक से समाज सेवी बने और अपनी बात रखने को 19 वीं शताब्दी का तरीका 21 वीं शताब्दी में अपना कर अन्ना हजारे ने देश भर में हर वर्ग को झिंझोड़ कर रख दिया। पिछली बार सूचना के अधिकार पर चलाए गए उनके अभियान की आग में पटियाला तो आहुति नहीं दे पाया पर इस बार शहर भ्रष्टाचार के विरोध में लाए जाने वाले लोकपाल विधेयक के समर्थन में आ गया है।

 बुधवार शाम तक शहर में अन्ना के नाम की चर्चा चंद लोगों व पत्रकारों के बीच ही चल पाई लेकिन रात की खबरों के बाद एक के मन में आया विचार तो वकील से डाक्टर और छात्र हर तरफ गुट बनते गए। हुआ कुछ यों कि सामाजिक-धार्मिक  कार्यों में आगे हो कर भाग लेने वाले आशुतोष गौतम ने बीती शाम 'दैनिक जागरणÓ कार्यालय में फोन कर जानना चाहा कि जब देश भर में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठ रही है तो भला पटियाला अलग क्यों है? यहां से अन्ना के समर्थन में क्या कुछ किया जा सकता है? क्या हम लोगों को जगा सकते है?

दिलचस्प है कि आशुतोष गौतम ने जब अपने संपर्क के राष्ट्रीय बार काउंसिल के सदस्य एडवोकेट बलबीर सिंह बिलिंग, पंजाबी युनिवर्सिटी पटियाला के सेंटर फार एडवांस मीडिया स्टडीज के मुखी डा. गुरमीत मान जिला बॉर कार्यकारिणी के तीन बार सदस्य रहे एडवोकेट नवीन जिंदल व सामाजिक कार्यों में आगे हो कर भाग लेने वाले डा. चौपड़ा, 70 के दशक के आपातकाल में जिला भाषा अधिकारी के पद से त्याग पत्र देने वाले पितांबर दत्त से बात की तो हर मन इस यज्ञ में आहुति को तैयार हो गया।

दोपहर से पहले कैंडल मार्च पर सहमति बनी तो रूट भी तय हो गया। बताया गया के आर्य समाज से मार्च शुरू ना कर शहर के जाने माने समाज सेवी और अपना सब कुछ न्यौछावर करने वाले स्व. बीर दसौंधी राम जी के जौडिय़ां भट्टियां स्थित घर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा तक जाया जाएगा। इसी बीच बात डाक्टरों के बीच पहुंची तो समाज सेवी डा. नवीन सारोंवाला व डा. कविता, रवि एस आहलुवालिया ने भी अपने साथ के लोगों में चर्चा की यहां भी हर दिल से एक ही आवाज आई, क्यों ना हम भी अपना योगदान दें। हुआ भी कुछ ऐसा ही। डाक्टरों ने आम आदमी को जगाने फव्वारा चौंक पर मोमबत्तियां रोशन कर एक नई रोशनी दिखाने में अन्ना को समर्थन दिया।

इसी प्रकार सामाजिक सांसकृतिक गतिविधियों में आजकल चर्चा में चल रहे थापर कालेज तक कैंडल मार्च का आहवाह्न पहुंचा तो उम्मीद जगाने वाले सबसे लंबे पेपर पर संदेश देने का ग्रिनीज बुक में अपना रिकार्ड दर्ज करवाने की ओर अग्रसर थापर कालेज के विद्यार्थी भी अन्ना समर्थन में शाम ढलते ढलते आ गए।  
हालांकि पंजाबी युनिवर्सिटी पटियाला में ये रोशनी शुक्रवार की सुबह पहुंचने वाली है। पर इतना तय है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आग हर दिल में लगी है।